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गुरुवार, 1 जनवरी 2015

नए साल की तुम्हें बधाई



आई रे आई फिर वो नयी सुबह आई, नए साल की तुम्हें बधाई-२
कोई तो बुलाओं मुझे बेला अरि ओ बेला नव वर्ष की शुभ “बेला” लो मैं आई

धीरे धीरे छटने लगा कोहरा सूरज की किरणों संग लो मैं आई
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

जीवन के वृक्ष में दुखो की टहनियों पर खुशियाँ फैल आई
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

पंछियों के पंख सी उड़ान लिए, हर्षोल्लास अरमान ले आई
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

पिछले वर्ष को मुड़कर देखा ऐसा लगा जैसे सारे पल अभी-२ तो गुजरे है
कुछ खट्टी मीठी यादों को, गम के काटों को पीछे छोड़ खुशियाँ ही खुशियाँ लाई 
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

आशाएँ, स्वप्न, संकल्प, शुभकामनाओं का संगीत लिये लो मैं आई
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

आशाओं के हर अंकुर को वृक्ष बनाने नव फल फूल खिलाने मैं आई
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

जितनी ऊँची होती है बुजुर्गों की दुआ, बीते वर्ष से मैं ले आई
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई

नव वर्ष के स्वागत में हजारो रंग आपकी जिंदगी में लायी 
नए साल की तुम्हें बधाई, नए साल की तुम्हें बधाई



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